INDIAN EVIDENCE ACT,1872 DIRECT EVIDENCE, PRIMARY EVIDENCE, SECONDARY EVIDENCE

Adv. Madhu Bala
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प्रत्यक्ष साक्ष्य

प्रत्यक्ष साक्ष्य से अभिप्राय ऐसे साक्ष्य से है जो किसी साक्षी द्वारा न्यायालय के सम्मुख विवाधक  तथ्य के अस्तित्व या  अनस्तित्व के बारे में किया गया हो ,जैसे:-  A, B  पर चोरी का आरोप लगाता है और C को साक्ष्य के रूप में पेश करते हैं C कहता है कि उसने B को A के  घर पर चोरी करते देखा यह  प्रत्यक्ष साक्ष्य है |

परिस्थिति जन्य साक्ष्य

जब किसी घटना का प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध न हो तो कुछ परिस्थितियों का सहारा लिया जाता है यह परिस्थितियां घटना  के इर्द-गिर्द घूमने वाले सत्य है जिनसे पता चलता है कि कोई घटना घटी थी, जैसे :- रेत पर पैरों के निशान पाए जाना अनुमान लगाता है कि कोई सजीव व्यक्ति इधर से गया होगा परिस्थिति जन्य साक्ष्य है |

वास्तविक साक्ष्य

इसे वस्तु साक्ष्य भी कहते हैं | यह  भौतिक वस्तुओं द्वारा पेश किया जाता है,  जैसे :- A ने B की हत्या  चाकू से की C  कहता है कि उसने A को  चाकू घोंपते  हुए देखा था यह मौखिक साक्ष्य है D  ने घटना की फोटो खींची और न्यायालय में पेश कर दी और खून से सना चाकू न्यायालय में पेश कर दिया जाता है यह  वस्तु साक्ष्य है |

अनुश्रुत साक्ष्य

इसे सुना सुनाया साक्ष्य भी कहते हैं जो उस बात को कहता है जो उसने तथ्य  के बारे में किसी अन्य व्यक्ति से सुनी हो अनुश्रुत साक्ष्य है इसे असंगति अग्राहय भी माना जाता है, जैसे:-A  न्यायालय में B  के विरुद्ध परिवाद करता है कि B  ने उसे डंडे से मारा C को साक्षी के रूप में प्रस्तुत करता है C कहता है कि उसने B  द्वारा A  को मारते हुए नहीं देखा बल्कि किसी ने उसे बताया था कि B ने A को मारा अर्थात घटना किसी अन्य व्यक्ति ने देखी है ना कि C ने अनुश्रुत साक्ष्य कुछ अवस्थाओं में ग्राह्य  भी है :-

A एक ही संव्यवहार के भाग होने वाले तथ्यों की सुसंगति  |

B स्वीकृति और संस्वीकृति |

C मृत्यु कालिक कथन |

प्राथमिक साक्ष्य

प्राथमिक साक्ष्य  से अभिप्राय वह दस्तावेज जिसे स्वंय न्यायालय के निरीक्षण के लिए पेश किया जाए | यह सर्वोत्तम साक्ष्य माना जाता है अर्थात जिस साक्षी ने न्यायालय के सामने मूल दस्तावेज पेश किया हो या मूल बातों को स्वंय की  ज्ञानेद्रियों से बोध  किया हो तो वह साक्ष्य प्राथमिक साक्ष्य होगा |
जैसे:- A ने B की हत्या की C ने उसे ऐसा करते हुए देखा तो C का साक्ष्य प्राथमिक साक्ष्य है
A ने B के पक्ष में के लिए विक्रय पत्र लिखा इस विक्रय पत्र के आधार पर के विरुद्ध कब्जे का वाद दायर करता है कहता उसने विक्रय पत्र नहीं लिखा उस विक्रय पत्र को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर देता है तो यह प्राथमिक साक्ष्य है

द्वितीयक साक्ष्य

ऐसा साक्ष्य है जो अच्छे साक्ष्य के अभाव में दिया जाता है अर्थात जो मूल दस्तावेज की नकल या प्रतिलिपि है जब कोई दस्तावेज खो जाता है, नष्ट हो जाता है या इतनी दूर हो जाता है कि उसे लाया ना जा सके तो इन परिस्थितियों में न्यायालय उस दस्तावेज की प्रतिलिपि साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की अनुमति देता है द्वितीयक  साक्ष्य कौन से होंगे धारा 63 में बताया गया है |

मौखिक साक्ष्य

ऐसा साक्ष्य जिसमें गवाह न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपने मुख से कथन करता है मौखिक साक्ष्य कहलाता है | मौखिक साक्ष्य प्रत्यक्ष होना चाहिए (धारा 60)

दस्तावेजी साक्ष्य

जब कोई साक्ष्य दस्तावेज सहित पेश करते हैं तो दस्तावेजी साक्ष्य कहलाता है जैसे:- A और B के मध्य संपत्ति के स्वामित्व को लेकर विवाद है स्वामित्व साबित करने के लिए जो मूल दस्तावेज पेश किया जाता है वह दस्तावेजी साक्ष्य है |

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